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Tuesday, 8 November 2016

हर वो बात जो 2000 के नए नोटों के बारे में जानना चाहेंगे आप, RBI ने बताए ये 17 फीचर्स

आरबीआई द्वारा जारी 2000 हजार के नोट के नए फीचर्स।

खबरची. केंद्र सरकार ने 9 नवंबर से 500 और 1000 के पुराने नोटों को बंद कर दिया है। इनकी जगह अब 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए जाएंगे। आरबीआई के मुताबिक जल्द ही दो हजार रुपए के नए नोट जारी होंगे। एक प्रेस ब्रीफ जारी कर आरबीआई ने 2000 के नए नोट के फीचर्स बताए हैं।

गहरा गुलाबी रंग का होगा नया नोट, पढ़े 17 फीचर्स
- दो हजार रुपए का नया करेंसी नोट मजेंटा (गहरा गुलाबी) रंग का होगा। इसमें महात्मा गांधी के नई सीरीज वाली फोटो होगी।
- नए नोट में किसी तरह का कोई लेटर नहीं होगा। इसके अलावा इसमें आरबीआई के नए गवर्नर उर्जीत पटेल के सिग्नेचर होंगे।
- नोट के पीछे की तरफ इसका प्रिंटिंग ईयर '2016' पब्लिश होगा। वहीं पीछे की ओर मंगलयान की फोटो होगी।

नोट के आगे और भी पीछे का डिजाइन, ज्योमेट्रिक पैटर्न कलर के हिसाब से होगा।

17 फीचर्स में जानें नए नोट की खासियत
#1. नोट के आगे की तरफ दो हजार रुपए लिखा होगा।
#2. नोट पर दो हजार की लेटेंट इमेज भी होगी। गांधीजी की फोटो के साइड में लेटेंट इमेज होती है। इसमें जितने का नोट है उसकी संख्या लिखी होती है।
#3. नोट में देवनागरी में भी नोट की वैल्यू यानी २००० लिखा होगा।
#4. इसके बीच में महात्मा गांधी की पोट्रेट होगी।
#5. लेफ्ट साइड में छोटे अक्षरों में आरबीआई और दो हजार लिखा होगा।
नोट के लेफ्ट साइड पर ही स्वच्छ भारत का लोगो और स्लोगन होगा। 

#6. सिक्युरिटी थ्रेड में ‘भारत’,आरबीआई और 2000 लिखा होगा। नोट को झुकाने पर इसका कलर 'थ्रेड ग्रीन' से 'ब्लू रंग' में बदलेगा।
#7. नोट के दाएं तरफ गारंटी क्लॉज, प्रॉमिस क्लॉज और गवर्नर के सिग्नेचर होंगे। वहीं इसी तरफ आरबीआई का चिन्ह भी होगा।
#8. नीचे से दाएं तरफ रुपए का सिंबल के साथ 2000 लिखा होगा। ये कलर चेंज इंक में लिखा है। जो ग्रीन से ब्लू रंग में बदलेगा।
#9. दाएं तरफ अशोका पिलर, महात्मा गांधी और दो हजार का इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क होगा।
#10. नोट के ऊपर से लेफ्ट साइड और नीचे से राइट साइड नंबर पैनल होगा। पैनल में नंबर बड़े से छोटे होंगे। कमजोर आंखों वालों के लिए महात्मा गांधी की पोट्रेट, अशोक पिलर और ब्लीड लाइन और आइडेंटिटी मार्क उभरा हुआ होगा।
#11. राइट साइड में रेकट्राइंगल का साइन उभरा हुआ होगा। जिसमें 2000 लिखा होगा।
#12. लेफ्ट और राइट साइड सात एंगुलर ब्लीड लाइन उभरी हुई होगी।

नोट की पीछे की तरफ लेफ्ट साइड प्रिंटिंग ईयर छपा होगा। 

पढ़ें नोट के पीछे की तरफ के पांच फीचर्स...

#13.  नोट की पीछे की तरफ लेफ्ट साइड प्रिंटिंग ईयर छपा होगा।
#14. लेफ्ट साइड पर ही स्वच्छ भारत का लोगो और स्लोगन होगा।    
#15. पीछे की तरफ लैंग्वेज पैनल बीच में होगा।
#16. मंगलयान की फोटो होगी।
#17. नोट में देवनागरी में नोट की वैल्यू यानी २००० लिखा होगा। पीछे की तरफ इसका डायमेंशन 66mm*16mm भी होगा।

Monday, 31 October 2016

Video में देखें सच्चाई: भोपाल जेल के आठ कैदियों का एनकाउंटर नहीं, रिहाई मंच ने कहा- ठंडे दिमाग से सरकार ने करवाई हत्या


लखनऊ. रिहाई मंच ने भोपाल सेंन्ट्रल जेल से आतंकवाद के आरोप में कैद आठ युवकों की फरारी व मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है। रिहाई मंच ने सोशल मीडिया से मिले एक वीडियो क्ल्पि को जारी करते हुए पुलिस पर सवाल उठाए हैं कि जिस तरह शव दिख रहे हैं, उससे साफ है कि उन्हें मारकर फेका गया है। दूसरे जिस तरह से एक पुलिस वाला एक शख्स पर गोली चला रहा है और पीछे से गालियों के साथ एक आवाज आ रही है कि मत मार वीडियो बन रहा है, से साफ हो जाता है कि मारने बाद पुलिस मीडिया के सामने अपने को सच साबित करने के लिए मुठभेड़ का नाटकीय रुपांतरण कर रही है। खबरची पर आप तीन वीडियो देख सकते हैं, जो साबित करती हैं कि ये एक प्लांड मर्डर है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंच ने सवाल उठाया कि कल होने वाले मध्य प्रदेश स्थापना दिवस को लेकर बहुसंख्यक आवाम में दहशत फैलाने के लिए क्या पुलिस ने इस घटना को अंजाम दिया? मुठभेड़ के नाम पर शिवराज सिंह अपने आपराधिक कृत्य में जनता को भागीदार बनाकर अपने ऊपर उठने वाले व्यापम जैसे भ्रष्टाचारों के सवालों को दबाना चाहते हैं।

मंच ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक जांच की मांग की है।

रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा कि जिस तरह से भोपाल सेन्ट्रल जेल से सिमी से जुड़े होने के आरोपी आठ युवकों की कल देर रात फरारी और उसके बाद जिस तरह से पुलिस द्वारा मुठभेड़ को अंजाम दिए जाने की बात आ रही है, उससे इस घटना पर बहुतेरे सवाल पुलिस व सरकार खुद ही उठा दे रही है। आखिर जब भोपाल आईजी योगेश चौधरी इस बात को कह रहे हैं कि फरार कैदियों ने पुलिस के ऊपर गोलाबारी की तो आखिर वह हथियार व गोला बारुद का ब्योरा देने से बच क्यों रहे हैं।

मंच अध्यक्ष ने कहा कि इससे पहले खंडवा जेल से चादरों के सहारे रस्सी बनाकर फरार होने की कहानी को ही फिर से पुलिस ने भोपाल में दोहराया है। अगर जेल से भागने की घटना में कोई सच्चाई होती तो पुलिस खुद ही सबक लेती।



उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह अहमदबाद की जेल में थाली, चम्मच, टूथ ब्रश जैसे औजारों से 120 फुट लंबी सुरंग खोदने का दावा किया गया था।

मंच अध्यक्ष ने कहा कि लगातार सिमी और आईएम के नाम पर जेलों में बंद उन कैदियों हत्या की जा रही है, जिनकी रिहाई होने वाली होती है। ठीक इसी तरह वारंगल में पांच युवकों की जेल ले जाते वक्त हिरासत में हत्या कर दी गई। क्योंकि उन पर मोदी को मारने के षडयंत्र का आरोप था जो अगर बरी हो जाते तो खुफिया-सुरक्षा व इस आतंक की राजनीति का पर्दाफाश हो जाता। इन घटनाओं से ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्रीय खुफिया एजेंसियां और प्रदेश की पुलिस मिलकर इन घटनाओं को अंजाम दे रही हैं।

रिहाई मंच ने भोपाल सेन्ट्रल जेल में कैद अमजद, जाकिर हुसैन सादिक, मोहम्मद सालिक, मुजीब शेख, महबूब गुड्डू, मोहम्मद खालिद अहमद, अकील और माजिद के जेल से फरार होने और पुलिस द्वारा मुठभेड़ के दावे पर कुछ और अहम सवाल उठाए हैं –

भोपाल सेन्ट्रल जेल को अन्र्तराष्ट्रीय मानक आईएसओ-14001-2004 का दर्जा प्राप्त है, जिसमें सिक्योरिटी भी एक अहम मानक है। ऐसे में वहां से फरार होने की पुलिसिया पटकथा अकल्पनीय है।
पुलिस जिन कैदियों को मुठभेड़ में मारने का दावा कर रही है उसमें से तीन कैदियों को वह खंडवा के जेल से फरार होने वाले कैदी बता रही है। इस साबित होता है कि मध्य प्रदेश सरकार आतंक के आरोपियों की झूठी फरारी और फिर गिरफ्तारी या फर्जी मुठभेड़ में मारने की आड़ में दहशत की राजनीति कर रही है।
यहां पर अहम सवाल है कि जिन आठ कैदियों के भागने की बात हो रही है वह जेल के ए ब्लाक और बी ब्लाक में बंद थे। मंच को प्राप्त सूचना अनुसार मारे गए जाकिर, अमजद, गुड्डू, अकील खिलजी जहां ए ब्लाक में थे तो वहीं खालिद, मुजीब शेख, माजिद बी ब्लाक में थे। इन ब्लाकों की काफी दूरी है। ऐसे में सवाल है कि अगर किसी एक ब्लाक में कैदियों ने एक बंदी रक्षक की हत्या की तो यह कैसे संभव हुआ कि दूसरे ब्लाक के कैदी भी फरार हो गए।

दावा कितना सही 

पुलिस चादर को रस्सी बनाकर सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करने का दावा कर रही है। जबकि चादर को रस्सी बनाकर ऊपर ज्यादा ऊंचाई तक फेंका जाना संभव ही नहीं है यदि फेंका जाना संभव भी मान लिया जाए तो इसकी संभावना नहीं रहती कि वह फेंकी गई चादर कहीं फंसकर चढ़ने के लिए सीढ़ी का काम करे।
जेल के पहरेदार सिपाही को चम्मच से चाकू बनाकर गला रेतना बताया जा रहा है, जिसके कारण यह संभवाना समाप्त हो जाती है कि उनके पास हथगोला और हथियार था जिसका प्रयोग मुठभेड़ में किया गया। दूसरे एक आदमी को मारकर कोई पुलिस चौकी की कस्टडी से नहीं भाग सकता किसी सेन्ट्रल जेल से भागना अकल्पनीय है।

एक संभवना और बनती है कि जेल से निकलने बाद उनको किसी ने विस्फोटक तथा हथियार मुहैया कराए हों लेकिन पुलिस की कहानी में ऐसा कोई तथ्य अभी तक सामने नहीं आया है।
जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के बारे में अब तक कोई बात क्यों सामने नहीं आई।
पुलिस के दावे के अुनसार जिन आठों कैदियों की मुठभेड़ में मारने की बात कही जा रही है, उसमें से कुछ के मीडिया में आए फोटोग्राफ्स, जिसमें उनके हाथों में घड़ी, पैरों में जूते आदि हैं, से यह भी संभावना है कि कहीं उन्हें किसी दूसरे जेल में शिफ्ट करने के नाम पर तैयार करवाया गया हो और फिर ले जाकर पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दे दिया हो।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में यह कहा है कि इस मामले में जनता का सहयोग मिला, लोगों से सूचना मिली और लोकेशन का पता लगा, लेकिन मुख्यमंत्री जी को यह बताना चाहिए कि इतनी जल्दी आम लोग को जेल से फरार अभियुक्तों को कैसे पहचान गए।
पुलिस के दावे अनुसार फरार आठों अभियुक्तों की मुठभेड़ के दौरान हत्या यह भी सवाल उठाती है कि इतनी पुलिस की ‘बहादुराना’ कार्रवाई पर किसी ने क्या सरेंडर करने का प्रयास नहीं किया होगा। या फिर उन्हें उठाकर वहां ले जाकर आठों को मारकर पुलिस इस मामले कोई सुबूत नहीं छोड़ना चाहती थी।
रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने बताया कि मारे गए जाकिर हुसैन के पिता बदरुल हुसैन से इस घटना के संबन्ध में बात हुई, वे इस घटना से काफी स्तब्ध थे उन्होंने बताया कि उनका एक और बेटा अब्दुल्ला उर्फ अल्ताफ हुसैन भी जेल में बंद है। उसकी सुरक्षा को लेकर वह बेहद चिंतित थे।

मारे गए युवकों में कई कुछ केसों में बरी भी हो चुके हैं। परिजनों का सवाल है कि 33 फुट ऊंची दीवार को कोई कैसे फंाद कर भाग सकता है।

राजीव यादव ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ में मारे गए लोगों के पास से पुलिस जिस तरह विस्फोटकों और हथियारों की बात कह रही है, वह स्पष्ट करता है कि इसका सहारा लेकर पुलिस और बेकसूर लोगों को फंसाने की पटकथा तैयार कर चुकी है। परिजनों ने कई बार जेल में सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया पर उसपर कोई सुनवाई नहीं हुई। कुछ परिजनों का तो यहां तक आरोप है कि वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए होने वाली सुनवाई में बिना वीडियो कांफ्रेंसिग के ही गवाहों के बायान दर्ज कर दिए जाते हैं और पुलिस की कहानी के मुताबिक गवाही न देने पर जज खुद ही बयान को सुधरवाते हैं। ऐसे हालात जब मध्य प्रदेश की न्यायालयों के हैं, तो इससे समझा जा सकता है कि जेलों की क्या स्थिति होगी।

राजीव यादव ने बताया कि आज सुबह जब हाजी फैसल, जो कि आतंकवाद के मामले से बरी हो चुके हैं, भोपाल से अपने साढू के वालिद की इंतकाल की मिट्टी से लौट रहे थे तो उन्हें सुबह नौ – सवा नौ बजे के तकरीबन पुलिस ने चलती बस से उतरवाया और पूछताछ की। उसके बाद जब वे घर पहुंच गए तो फिर 10 बजे के करीब नरसिंहगढ़ थाने की पुलिस ने उन्हें फिर बुलवाया। उन्होंने यह भी बताया कि बरी होने के बावजूद आज भी जब भी कोई पीएम या वीवीआईपी का दौरा होता है, तो उन्हें थाने बुला लिया जाता है जिससे वह काफी परेशान हो चुके हैं।

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि भोपाल में हुई घटना के बाद देश के विभिन्न जेलों में कैद आतंक के आरोपियों के परिजन काफी डरे हुए हैं कि कहीं इंसाफ मिलने से पहले ही उनके बच्चों का कत्ल न कर दिया जाए, जिस तरह से यर्वदा जेल में कतील सिद्दीकी और लखनऊ में खालिद मुजाहिद का पुलिस ने हिरासत में कत्ल कर दिया था। ऐसे में रिहाई मंच ने देश के विभिन्न जेलों में बंद आतंक के आरोपियों की सुरक्षा की गांरटी की मांग की है ताकि टेरर पॉलिटिक्स का असली चेहरा सामने आ सके न कि बेगुनाहों की लाशें।

Monday, 10 October 2016

मोदी सरकार ने केरल में बेगुनाहों को आतंकी बताकर पकड़ा, रिहाई मंच का आरोप - सर्जिकल स्ट्राइक के फर्जी साबित होने से झल्लाई BJP सरकार

  • सीमा सुरक्षा में सरकार मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारियां कर मुद्दे से भटका रही है देश को  
  • सोशल मीडिया पर मोदी भक्तों के खिलाफ एनआईए की कार्रवाई क्यों नहीं 
  • केरल में मुस्लिम विरोधी गठजोड़ के निशाने पर मुस्लिम 

लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान विरोध करते रिहाई मंच के एक्टिविस्ट..
लखनऊ से खबरची. रिहाई मंच ने एनआईए द्वारा केरल से आतंकी संगठन आईएस का सदस्य बताकर 6 लोगों की गिरफ्तारी को एलओसी पर कथित सर्जिकल स्ट्राइक के दावे के फर्जी साबित हो जाने पर बदनामी से बचने के लिए किया गया नाटक करार दिया है। मंच ने आरोप लगाया कि एनआईए पूरी तरह आरएसएस और भाजपा के एजेंडा पर काम करते हुए बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों को आतंकी बताकर फंसा रही है। अगर आईएस जैसे संगठनों को कमजोर करना है तो सरकार बेगुनाहों को फंसाने की बजाए उन 7 भारतीय कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करे जो आईएस को आतंक के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साज-ओ-सामान सप्लाई कर रही हैं।


रिहाई मंच द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में मंच के सेक्रेटरी राजीव यादव ने कहा कि जिस दिन से एलओसी पर किए गए कथित सर्जिकल स्ट्राइक के दावे पर वॉशिंगटन पोस्ट और न्यूयाॅर्क टाइम्स जैसे विदेशी मीडिया समूहों और खुद संयुक्त राष्ट्र ने सवाल उठा दिया था, उसी दिन यह तय हो गया था कि मोदी सरकार अपनी बदनामी से बचने और अपने मुस्लिम विरोधी हिंदू वोटरों की निगाह में बहादुर बनने के लिए बेगुनाह मुसलमानों को आतंक के आरोपों में पकड़ने का अभियान चलाएगी। केरल में होने वाली गिरफ्तारियां इसी योजना का हिस्सा हैं। राजीव ने आशंका व्यक्त जिस तरह पहली बार सेना के व्यक्तिगत राजनीतिक इस्तेमाल के कारण प्रधानमंत्री पद की गरिमा धूमिल हुई है और मोदी की चैतरफा आलोचना हो रही है उसमें मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के नेतृत्व में संघ परिवार और आईबी के गठजोड़ से आतंकी विस्फोट भी करा सकती है जैसा कि अक्षरधाम मंदिर, नागपुर के संघ मुख्यालय, मालेगांव, मक्का मस्जिद, समझौता एक्सप्रेस, पटना के गांधी मैदान, बोधगया और पश्चिम बंगाल के बर्धमान में पहले भी इस गठजोड़ ने किया है। जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।


बदनामी से बचने के लिए संघ और आईबी करा सकते हैं देश में आतंकी घटनाएं, रिहाई मंच ने कहा - सेना के राजनीतिक इस्तेमाल के लिए देश से माफी मांगें मोदी

माफी मांगे मोदी 
नरेन्द्र मोदी.

राजीव यादव ने कहा है कि जिस तरह निजी राजनीतिक लाभ के लिए मोदी सरकार ने सेना का इस्तेमाल किया है वह शर्मनाक है और इससे गलत परम्परा की शुरूआत हो सकती है। जिसके लिए मोदी को देश से माफी मांगते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।

रिहाई मंच स्पोक्सपर्सन शाहनवाज आलम ने कहा कि एनआईए ने जिस तरह इन केरल के 6 युवकों पर आरोप लगाया है कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी नामों से एक्टिव थे वो साबित करता है कि सर्जिकल स्ट्राइक के पोल खुल जाने से घबराई मोदी सरकार ने एनआईए को इतना वक्त भी नहीं दिया कि वो कोई बेहतर झूठी कहानी गढ़ पाए। उन्होंने कहा कि अगर फर्जी आईडी से एकाउंट चलाना अपराध है तो सबसे पहले एनआईए को मोदी और संघ के हजारों कार्यकर्ताओं को जेल भेजना चाहिए क्योंकि वे मोदी का फोटो लगाकर साम्प्रदायिक और संविधान विरोधी गतिविधियां संचालित करते हैं।

केरल में मुस्लिम विरोधी गठजोड़ के निशाने पर मुस्लिम 

शाहनवाज आलम ने कहा कि केरल बहुत पहले से संघ परिवार और खुफिया-सुरक्षा एजंेसियांे के मुस्लिम विरोधी गठजोड़ के निशाने पर रहा है जो केरल के मुस्लिम युवकों को आतंक के फर्जी आरोपों में फंसाकर केरल की अर्थव्यस्था जिसका मुख्य आधार खाड़ी देशों में रोजगार है, को तबाह करना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी साम्प्रदायिक षडयंत्र के तहत केरल से कथित तौर पर गायब बताकर 21 मुस्लिम युवकों को आईएस से जुड़ने होने की अफवाह भी मीडिया के जरिए आईबी ने फैलाई है जिसके जांच के नाम पर रोजगार के लिए बाहर जाने वालों को डराया धमकाया जा रहा है ताकि देश के आर्थिक तौर पर सबसे खुशहाल केरल के मुस्लिम समाज को कमजोर किया जा सके।

खाड़ी देशों में काम करने वालों पर नजर 

शाहनवाज ने आरोप लगाया कि इसी मुस्लिम विरोधी साजिश के तहत हुई इन बेगुनाहों की गिरफ्तारी में भी मुख्य सरगना मनसीद को बताया गया है जो कतर में रोजगार करता था और पिछले शुक्रवार को ही छुट्टी लेकर घरेलू काम से भारत लौटा था। उन्होंने आरोप लगाया कि खाड़ी देश में काम करने वाले पर आईएस का मास्टरमाइंड और भारत के अंदर हमलों की साजिश रचने का आरोप लगाकर मोदी सरकार मुसलमानों के आर्थिक आधार को ध्वस्त करने के संघी मंसूबे को पूरा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक सफवान एसडीपीआई से जुड़ा था जिस एसडीपीआई ने संघ परिवार और भाजपा के साम्प्रदायिक और देश विरोधी एजेंडे को बेनकाब करने के लिए लम्बा जनजागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार संघ विरोधी कार्यकर्ताओं को फर्जी आरोपों में फंसाकर संघ विरोधियों को चेतावनी देना चाहती है। इसलिए इन गिरफ्तारियों के खिलाफ गैर भाजपा दलों को भी मुखर होना चाहिए।

Tuesday, 27 September 2016

कहानी : गजाला की मोहब्बत


अनुज शुक्ला. 10 साल से ज्यादा वक्त हो गया। मैं नाम भूल रहा हूं उसका। मैं उस बेपरवाह लड़के को हर शाम हर दोपहर अंजी भैया की पीसीओ पर पाता था। उसकी भूरी नीली आँखों में पता नहीं क्या राज दफ़न था। वो आया था यूनिवर्सिटी से बीएससी करने, गोरखपुर या देवरिया के किसी अच्छे खाते पीते घर का लड़का था।

लोग बताते थे कि शुरुआत में वह बिलकुल ऐसा न था। लेकिन धीरे-धीरे पता नहीं क्यों उसका मन पढ़ाई की जगह दूसरी चीजों में लगने लगा। दो तीन साल तक उसने इधर-उधर काटा। फिर बीए करने लगा। कहते हैं कि वह धीरे-धीरे इलाहाबाद की अपराध की दुनिया में सक्रीय होे गयाा था। उसके ताल्लुकात दारागंज के उभरते गैंगस्टर्स से होने लगे थे। वह मुझसे उम्र में काफी बड़ा था। गोरा चिट्टा बेहद खूबसूरत नौजवान।

उस बेपरवाह से लडके का पता अंजी भैया की दूकान ही थी। अंजी हमेशा उसे गलत संगतों से बचने की सलाहें देता था। समझाइश देता था। वह रोज तौबा करता और रोज उन्हीं गलतियों की वजह से daanta जाता। पता नहीं क्या वजह थी घरवालों से उसके रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। घर से हर माह की रसद मिलनी बंद हो गई थी लिहाजा अब उसके पास अपना कोई ठिकाना भी नहीं थाा।

कभी किसी के यहाँ रात गुजार लेता। उसके सामान, उसकी किताबें, उसका बक्सा किसके पास था यह आजतक रहस्य है। वह बेहद खामोश नौजवान था। मेरी उससे कभी बातचीत नहीं हुई पर लोगों से जो सुना उसके मुताबिक़ किसी गजाला नाम की एक लड़की से उसे मोहब्बत हो गई थी। लोगों के मुताबिक़ गजाला भी उतनी ही खूबसूरत थी। दोनों की पहली मुलाक़ात एक ट्रेन में हुई थी। दोनों एक दूसरे को गहरा प्यार कर बैठे। मैंने देवदास देखा है उसमें। यकीन मानिए वह बिलकुल वैसा ही था। उसकी पसंदीदा किताब गुनाहों का देवता थी। रात-रातभर शराब पिए उसकी रातें बाँध पर कटती थी।

मुझे दारागंज और शहर छोड़े काफी अरशा हो गया। सालों बाद कई बार मैं उन गलियों में वापिस गया। अंजी भैया की दूकान गायब है। उन गलियों में पुराने चेहरे गायब हैं। मुझे मोहब्बत की कहानियों में दिलचस्पी है। मैं उस नौजवान की हालत की वजह और उनकी मोहब्बत का अंजाम जानना चाहता हूँ। मैं जितना जान पाया वह यह कि वह नौजवान ब्राह्मण था और गजाला लखनऊ की एक मुसलमान लड़की। 

Monday, 26 September 2016

कहानी : उसके सारे सोशल अकाउंट डिलीट हैं


अनुज  शुक्ला. कालदा अपार्टमेन्ट में पहुंचे कुछ ही दिन हुआ था। मैं पहले फ्लोर के तीसरे फ़्लैट में था। सामान के नाम पर मेरे पास ज्यादा कुछ नहीं था। फर्नीचर जैसा तो बिलकुल नहीं, हां मैंने दो फाइबर की कुर्सियां जरूर खरीद ली थीं। इसके अलावा एक लो फ्लोर बेड और एक छोटा स्टूल ही मेरा सामान था। कुर्सियां दरअसल, इसलिए क्योंकि अँधेरे में कुछ देर बालकनी में बैठकर झिलमिलाते शहर को निहारना मुझे बेहद पसंद था।

यहां आने के तीन दिन बाद ही मेरे दरवाजे पर एक दस्तक हुई। मैंने गेट खोला और सामने देखा कोई अधेड़ महिला खड़ी थी। उसके हाथों में घेवर था। मैं थोड़ा शर्मीले मिजाज का हूँ। खासकर महिलाओं से मुलाक़ात में मैं उतना सहज नहीं रह पाता, आमतौर पर जितना लगता या दिखता हूँ। उन्होंने घेवर हाथ में थमाते हुए दरवाजे पर ही मेरा हाल चाल पूछा और बताया कि वे दो मंजिल ऊपर के फ़्लैट में रहती हैं । कुछ सेकण्ड की मुलाक़ात में उन्होंने मुझे किसी शाम चाय पीने का न्यौता भी दिया। मैंने भी हाँ जी, जरूर, कहते हुए गेट पर खड़े-खड़े जो सामान्य शिष्टाचार हो सकते थे, उन्हें पूरा किया। वह महिला कुछ ही देर में चली गई।

इस पहली देखा-देखी से पहले मैं उनके बारे में कुछ नहीं जानता था। उन्हें ही क्यों यहां आने के तीन दिनों बाद तक मैं भला अपने फ्लोर के दूसरे पड़ोसियों को भी कहां जान पाया था। उनके जाने के बाद मेरी दिलचस्पी घेवर में थी। दो दिन बाद किचन के बेसिन में गंदे बर्तनों को देखकर याद आया कि उनकी प्लेट कटोरियाँ पहुंचा देना चाहिए। लेकिन मुझे सही-सही पता नहीं था कि उनका परिवार किस फ़्लैट में रहता है? वे अकेली रहती हैं या उनके घरवाले भी साथ हैं? तमाम-तमाम बातें। मैं इसी उधेड़बुन में था कि तभी दरवाजे पर फिर किसी ने दस्तक दी।

दरवाजा खोलने पर मुझे चौथे माले के 7वें फ़्लैट में चाय केलिए न्यौता मिला। न्यौता देने वाली कोई और नहीं वही महिला थी। मुझे कटोरियाँ लौटानी थी। मैंने घेवर के लिए धन्यवाद कहते हुए उनके बर्तन लौटाए और शाम को जरूर आने को भरोसा दिया। लेकिन मेरी समझ में यह नहीं आ रहा था कि महिला की मुझमें इतनी दिलचस्पी क्यों है?

शाम होने पर मैं उनके यहां गया। दरवाजा खुला तो एक अधेड़ उम्र का आदमी नजर आया। उम्र कोई 48 साल के आसपास। हालांकि वह अपनी उम्र से ज्यादा बड़ा दिख रहा था। गोल-मटोल चेहरा। तोंदू डील-डौल। सिर पर घने बाल, जो बिलकुल झक सफ़ेद थे। उन्होंने लपककर मेरा अभिवादन किया और मुझे अन्दर बिठायाा। अन्दर हर साज-ओ-सामान था। आमतौर पर जो एक मिडिल क्लास फैमिली के लिए जरूरी होता है। 6 बाय चार का एक फ्लोर मैट्रिक्स, लेदर कोटेड सोफा, दीवार पर टंगी बड़ी सी एलईडी टीवी। फ्रिज। ड्राइंग टेबुल। बहुत कुछ दूसरे सामान भी उनकी बैठक में नजर आ रहे थे।

हालांकि उनकी बैठक का सामान थोडा अस्त- व्यस्त था। जैसे वे कहीं और शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हों। हम बातचीत करने लगे। इसबीच उन्होंने उसी अधेड़ औरत को चाय- पानी लाने को कहा जो मेरे घर तक घेवर लेकर आई थी। उन्होंने बाताया कि वे राजस्थान के भरतपुर से हैं। पिछले कुछ सालों से यहाँ रहते हैं। उनके चार बच्चे हैं। तीन बच्चे नजर आ रहे थे और सबसे बड़ी बेटी कहीं काम करती थी। दो बेटे जिनकी उम्र 13 और 11 साल होगी अपनी 6 साल की बहन के साथ वहीँ फ्लोर मैट्रिक्स पर खेल रहे थे।

मैंने बातचीत के माहौल को दोस्ताना बनाए रखने के लिए उनसे पूछा -
"बच्चों कहां पढ़ते हो"

मेरे सवाल पर बच्चे चुप थे। बाद मेंं उन्होंने बताया कि उनके बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं। मैंने वजह पूछा -
उन्होंने बताया कि दरअसल, उनका परिवार गाँव शिफ्ट हो रहा है। वे चाहते हैं कि बच्चों का वहीँ एडमिशन हो जाए। इसलिए अगस्त की शुरुआत में उन्होंने बच्चों का दाखिला यहाँ आगे न कराने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि वे इतना सारा सामान नहीं ले जा सकते इसलिए सोच रहे हैं कि इन्हें यहीं कहीं बेच दिया जाए। उन्होंने मुझे अप्रोच किया और घर के सामान, उनकी खरीदी कीमत और उन्हें बेचने का मूल्य बताने लगे। वे ड्राइंग रूम के अलावा घर के दूसरे सामान दिखाने के लिए मुझे दूसरे कमरों की ओर लेकर गए। हालांकि, उनके सामानों में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं थी। उन्होंने बड़ी वुडन अलमारी दिखाई, लंबा चौड़ा दीवान दिखाया। उन कमरों में भी काफी सारा सामान चादर में बंधा पडा था। कुछदेर बाद हम फिर उनकी बैठक में लौट आए। हमने चाय पी। मैंने बहुत शालीनता से उन्हें बताया कि इन सामानों की फिलहाल मुझे जरूरत नहीं है। हम कुछ देर और बात करते रहे। इसके बाद मैंने उन्हें बोला किअबमैं चलना चाहूंगा। वह अधेड़ औरत टेबल से चाय के बर्तन समेट रही थी। मैं उठा और उनका अभिवादन कर नीचे अपने फ़्लैट लौट आया।

करीब एक हफ्ते से ज्यादा का समय बीत चुका था। इस बीच किसी काम के सिलसिले में मैं दिल्ली से वापस लौट आया था। मैं एक शाम को यूं ही उस अधेड़ महिला के दरवाजे तक गया। गेट पर ताल था। दूसरे दिन जब चौकीदार से उन लोगों के बारे में पूछा तो पता चला कि वे चले गए। चौकीदार ने इतना ही बताया। मैंने भी सोचा कि उनका परिवार गाँव लौट गया होगा। मुझे इत्मीनान था। यह तीन-चार दिनों के बाद का वाकया है। मैं एक दोस्त से मिलकर लौट रहा था। मुझे उनके दोनों बेटे पास ही एक दुकान पर चाय नाश्ता ग्राहकों को देतेे नजर आए। मैं कुछ क्षण के लिए अवाक रह गया। कमरे पर आकर अब मेरी दिलचस्पी उस परिवार में कुछ ज्यादा ही बढ़ गई। मैं किसी रहस्य का पता लगाना चाहता था।

अगले रविवार मैं अपार्टमेन्ट के सेक्रेटरी के यहाँ था। देश दुनिया की शुरूआती बातचीत के बाद मैं सीधे उस अधेड़ महिला के परिवार पर बातें करने लगा। सेक्रेटरी चौबे ने बताया, क्या साहब सात महीने से उसका मेंटनेन्स बकाया है। किराए को लेकर मकान मालिक से आए दिन झगडा। हो भी क्यों न। मोतियों-नगों को लेकर उसका जमा-जमाया धंधा चौपट हो चुका है और अब वह बेरोजगार है। इस उम्र में दूसरा रोजगार कहाँ। बच्चों का स्कूल कई महीनों से छूटा पडा है। एक बेटी की कमाई से किसी तरह घर का खर्च चल रहा है। कम्प्यूटर ओपरेटरी की नौकरी में जितनी सैलरी मिलती है उससे कुछ कम सिर्फ घर का किराया ही था। सेक्रेटरी सइ बीत्चीत के बाद मेरा मन थोडा खिन्न हो गया। क्या मैं उस परिवार को ढूढ़ते हुए दूकान जाऊ। उनका बचा हुआ कुछ फर्नीचर खरीद लूं। या मैं उस अधेड़ महिला और उनकी बेटी से बात कर लूं ....................... 

Sunday, 25 September 2016

10 साल की उम्र में भारतीय सेना ज्वाइन करना चाहता था एनकाउंटर में मारा गया हिजबुल कमांडर बुरहान, पिता ने खोले श्री श्री रविशंकर के साथ हुई मीटिंग के राज

श्री श्री रविशंकर से मुलाक़ात के दौरान मुजफ्फर वानी. 

TIMES OF INDIA ने एनकाउन्टर में मारे गए हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के पिता मुजफ्फर वानी से बातचीत की. बुरहान के पिता ने बताया कि उनका बेटा 10 साल की उम्र में भारतीय सेना ज्वाइन करने का ख्वाब देखता था. उन्होंने बुरहान के बारे में कई और बातें भी बताई. यूएन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीर और बुरहान को लेकर जो कुछ कहा उससे बुरहान के पिता पूरी तरह सहमत हैं. बुरहान ने इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में श्री श्री रविशंकर से हुई मुलाक़ात पर भी सवालों के जवाब दिए. खबरची पूरे इंटरव्यू के कुछ चुनिंदा सवालों को अपने पाठकों के सामने रख रहा है. टाइम्स के लिए रोहन दुआ ने ये इंटरव्यू किया है. अंग्रेजी में पूरा इंटरव्यू आप यहां टाइम्स ऑफ इंडिया के लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं. 


श्री श्री रविशंकर से मुलाक़ात में क्या बात  हुई थी ?

मुजफ्फर वानी ने बताया किसी ने यह मीटिंग फिक्स नहीं की थी. मैं एक हॉस्पिटल के विजिट पर था. मैंने सोचा क्यों न आश्रम में रुका जाए. मैंने सालों पहले श्री श्री को टीवी पर देखा था. जाकिर नाइक भी उनसे मिल चुके हैं. फिर मैं क्यों नहीं मिल (श्री श्री से) सकता. हमने कश्मीर के बारे में बात की. उन्होंने मुझसे सोल्यूशन पूछा. मैंने उन्हें कहा कि भारतीय नेताओं को पाकिस्तान से बात करनी चाहिए. उन्होंने मुझसे इस बारे में भी पूछा कि कैसे बुरहान ने हमें (घरवालों को) छोड़ दिया. वह बोले यह अल्लाह की मर्जी थी. 


मारे गए हिजबुल कमांडर कमांडर बुरहान वानी के पिता मुजफ्फर वानी. 

कभी भारत के लिए क्रिकेट खेलना चाहता था मारा गया हिजबुल कमांडर  

मुजफ्फर वानी ने कहा 5 अक्टूबर 2010, को बुरहान ने घर छोड़ा. उसने अपनी मां से कहा कि वह अपने किसी दोस्त से मिलने जा रहा है. लेकिन वह शाम को लौट कर नहीं आया. बाद में हमें पता चला कि वह आतंकियों से जुड़ गया है. एनकाउंटर से करीब दो माह पहले मैंने उसे समझाने का बहुत प्रयास किया. वह 1994 में पैदा हुआ था. मैंने उसे बताया कि वह भारी अस्थिरता के माहौल में पैदा हुआ है. स्वाभाविक है कि वह उस दर्द में पडा. जब वह 10 साल का था, उसने एक इंडियन आर्मी अफसर से  कहा था कि वह इंडियन आर्मी ज्वाइन करना चाहता है. उसने यह तब कहा था जब गांव में सेना एक तलाशी अभियान पर थी. बुरहान का एक वीडियो साबित करता है कि वह क्रिकेट को बहुत पसंद करता था. वह भारत के लिए खेलना चाहता था, पाकिस्तान के लिए नहीं. 
एनकाउंटर में मारा गया हिजबुल कमांडर बुरहान वानी.

एक दिन भारत बुरहान को फ्रीडम फाइटर मानेगा 

एक सवाल के जवाब में मुजफ्फरवानी ने कहा- जब भगत सिंह अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे तब उन्हें आतंकवादी कहा गया. लेकिन भारतीयों ने उन्हें फ्रीडम फाइटर के रूप में माना.जब कश्मीर की समस्या ख़त्म हो जाएगी भारत महसूस करेगा कि बुरहान एक फ्रीडम फाइटर था. मझे वो सारी बातें पसंद आई जो नवाज शरीफ ने (यूएन) में कहें. बुरहान की मौत कश्मीर की आजादी की लड़ाई के लिए एक नई रोशनी लेकर आय है. 

Thursday, 8 September 2016

12 साल बाद सिद्धू ने बीजेपी से अलग राह चुनी: 50 दिन में पहली बार केजरीवाल पर साधा निशाना, कहा - भोली सूरत दिल के खोटे

चंडीगढ़. नवजोत सिंह सिद्धू ने आखिरकार 12 साल बाद बीजेपी से अलग राह लेते हुए आवाज-ए-पंजाब फोरम का एलान कर पिछले 50 दिनों से आम आदमी पार्टी में जाने की अटकलों पर विराम लगा दिया। 7 जुलाई को राज्य सभा से इस्तीफ़ा देने के बाद पहली बार केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया कि उनका फोरम पंजाब की सभी 117 असेम्बली सीटों पर चुनाव लड़ सकता है। हालांकि वे यह भी बोले कि अभी उनका फोरम पार्टी नहीं है और अगले 15 दिनों में वे इस पर फैसला करेंगे। पिछले 50 दिनों में पहली बार सिद्धू ने आप को कोसते हुए केजरीवाल पर कहा, 'भोली सूरत दिल के खोटे, नाम बड़े और दर्शन छोटे।' परगट सिंह, बैंस ब्रदर्स-सिमरजीत सिंह बैंस और बलविंदर सिंह बैंस के साथ एक घंटे चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में अकेले सिद्धू करीब 44 मिनट तक बोलते रहे। इस दौरान बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधा हालांकि बीजेपी पर उनका रुख थोड़ा नर्म दिखा। सिद्धू बोले मेरी पार्टी आप से 60 साल पुरानी...

- केजरीवाल के बारे में सिद्धू ने कहा, ''उन्होंने मीडिया को आधी बात ही बताई। मैं बात को पूरी कर देता हूं। केजरीवाल मुझे दो साल से बुला रहे थे। उनकी पार्टी दो साल पुरानी है, मेरी पार्टी 60 साल पुरानी है।''
- ''मैंने उनसे कहा था कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। लेकिन मैं उनके मन को टटोल रहा था। जानना चाहता था कि उनका मनसूबा क्या है? पूछना चाहता था कि आखिर मुझसे चाहते क्या हो? उन्होंने कहा कि सिद्धूजी खुद इलेक्शन मत लड़ो। पत्नी को लड़ा दो, मंत्री बना देंगे।
- ''वे भी मुझे डेकोरेटिव पीस बनाकर रखना चाहते थे। लेकिन मेरे सिर पर लिखा है- Note for sale...।''

पीसी में सिद्धू के चुनिंदा बोल

-10 करोड़ पंजाबी कभी यसमैन का रोल अदा नहीं कर सकते। इसलिए मैं कहता हूं कि मुझे जलील किया गया। लोकतंत्र कभी अहंकार सहन नहीं करता।
- अच्छे लोगों को सिर्फ डेकोरेशन पीस की तरह रखो, काम निकल जाने पर मक्खी की तरह निकाल कर फेंक दो।
- हमारे सामने दो एविल्स में से एक को चुनने की चुनौती है। चंदन का पेड़ अगर 100 बबूलों के बीच भी हो तो उसकी खुशबू अलग होती है।
- “आवाज-ए-पंजाब की राजनीति पंजाब को समृद्ध बनाने की है। हम इस दिशा में ही काम करेंगे। एक वक्त था जब पंजाब हर क्षेत्र में अव्वल था। आज देखिए क्या हो गया है। बेरोजगारी से निपटना है। पंजाब पर 2 लाख करोड़ का कर्ज है। ”


(प्रेस कॉन्फ्रेंस में फोरम के दूसरे नेताओं के साथ अपनी बात रखते सिद्धू)


और सिद्धू ने यह शेर भी कहा
- हुश्न का हुक्का कब का बुझ चुका, ये तो हम ही हैं जो गुड़गडाए जा रहे हैं
- तहजीब का शोर इतना, बरकत क्यों नहीं होती; तुम्हारी नियत में खराबी है
- काले बादलों को चीरकर अब सूरज निकलना चाहिए। अब यह मौसम बदलना चाहिए।

क्या आवाज-ए-पंजाब एक पार्टी है?

- सिद्धू ने इस बारे में कहा कि अभी यह पार्टी नहीं है। यह एक जैसी सोच वाले लोगों का ग्रुप है। हम 15 दिन सोचेंगे, फिर बताएंगे कि हम पार्टी हैं या नहीं, चुनाव लड़ेंगे या नहीं। हम पंजाब के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। लोगों ने हमें अच्छा रिस्पॉन्स दिया है।
- चारों जिलों में 41 विधानसभा सीटें हैं, जिन पर 'आवाज-ए-पंजाब' फ्रंट असर डाल सकता है।
- बता दें कि सिद्धू इससे पहले बीजेपी के राज्यसभा सांसद थे, लेकिन इसी साल जुलाई में इन्होंने राज्यसभा की मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया था।

Thursday, 1 September 2016

दुनिया में सबसे सस्ता 4G प्लान देने का दावा; Jio से बदल जाएगी भारत में इंटरनेट की दुनिया

मुंबई/नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज की 42nd एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में गुरुवार को मुकेश अंबानी ने 4 जी सर्विस रिलायंस जियो को लॉन्च कर दिया। रिलायंस का ये कदम पूरी तरह से भारत की डिजिटल तस्वीर बदलने वाली होगी। ये सर्विस 5 सितंबर से शुरू होगी, और इसके बाद इसका असर साफ़ नजर आएगा। जियो मार्च 2017 तक देश की 90 फीसदी पॉपुलेशन को कवर कर लेगा। जियो हेल्थ और एजुकेशन के सेक्टर में क्रांति लाएगा। इसकी लॉन्चिंग के बाद भारत टॉप 10 इंटरनेट प्रोवाइडर में शामिल हो जाएगा।


मुकेश अंबानी ने बताया- जियो के पांच पिलर हैं। इन्हीं पर काम करेगी।

1) नेटवर्क: ज्यादातर सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के पास वॉइस कॉलिंग के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तो है, लेकिन डाटा के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं, जिसे वो बाद में तैयार कर रही हैं। जियो के पास मजबूत डाटा नेटवर्क है। हम मार्च 2017 तक देश की 90% पॉपुलेशन तक नेटवर्क पहुंचा देंगे। आज रिलायंस जियो दुनिया का सबसे बड़ा 4 जी और वॉइस ओवर एलईटी नेटवर्क है। हम भारत को सबसे महंगे डाटा मार्केट से निकालकर दुनिया के सबसे सस्ते डाटा मार्केट में ले जाएंगे।





2) डिवाइस : देश में 70 फीसदी स्मार्टफोन 4जी एलईटी बेस्ड हैं। हम 4जी बेस्ड नया स्मार्टफोन LYF लाए हैं। इसकी कीमत 2,999 रुपए से 5,999 रुपए होगी। वहीं, 4जी एलईटी जियोफाई राउटर 1,999 रुपए में मिलेगा। एंट्री प्राइस को कम से कम रखने पर ध्यान दिया गया है।

3) कंटेंट: कस्टमर जियो टीवी के जरिए 300 से ज्यादा चैनल देख सकेंगे। वहीं, जियो सिनेमा में 6 हजार मूवी और 1 लाख टीवी एपिसोड की लाइब्रेरी होगी। जियो म्यूजिक में 1 करोड़ गाने होंगे। जियो मनी के जरिए आप कैशलेस ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। दिसंबर 2017 तक सभी के लिए ऐप मुफ्त होंगे।


4) सर्विस : रियो की सर्विस प्रॉसेस को रिडिजाइन किया गया है। दिल्ली और मुंबई में यह आज से लागू हो रही है। पूरे भारत में अगले 6 हफ्तों में लागू होगी। एक दिन में 10 लाख यूजर्स को अपने साथ जोड़ सकती है। शुरुआती स्टेप्स जितना हो सके, उतना आसान करना चाहते हैं। आधार कार्ड के साथ ई-केवाइसी लिंक से 15 मिनट में कनेक्शन मिल जाएगा।

5) टैरिफ: हम ग्राहकों को हमेशा पहले रखते हैं। जियो टैरिफ 3 प्रिंसिपल्स पर बने हैं। पहला, ग्राहक केवल एक सर्विस के लिए पेमेंट करेगा, वॉइस या डाटा। इसलिए सभी वॉइस कॉल पूरी तरह मुफ्त होगी। पूरे भारत में कहीं भी रोमिंग चार्ज नहीं देना होगा। दूसरा, डाटा कस्टमर के लिए अफोर्डेबल होना चाहिए। जियो का बेस रेट मार्केट के रेट का दसवां भाग है, जो 5 पैसे एमबी या 50 रुपए/ जीबी है। जितना ज्यादा आप इसका इस्तेमाल करेंगे,यह उतना ही आपके लिए सस्ता होगा। यह दुनिया में सबसे कम रेट हैं।

दुनिया में सबसे सस्ता 4G प्लान देने का दावा; Jio से बदल जाएगी भारत में इंटरनेट की दुनिया

मुंबई/नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज की 42nd एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में गुरुवार को मुकेश अंबानी ने 4 जी सर्विस रिलायंस जियो को लॉन्च कर दिया। रिलायंस का ये कदम पूरी तरह से भारत की डिजिटल तस्वीर बदलने वाली होगी। ये सर्विस 5 सितंबर से शुरू होगी, और इसके बाद इसका असर साफ़ नजर आएगा। जियो मार्च 2017 तक देश की 90 फीसदी पॉपुलेशन को कवर कर लेगा। जियो हेल्थ और एजुकेशन के सेक्टर में क्रांति लाएगा। इसकी लॉन्चिंग के बाद भारत टॉप 10 इंटरनेट प्रोवाइडर में शामिल हो जाएगा।


मुकेश अंबानी ने बताया- जियो के पांच पिलर हैं। इन्हीं पर काम करेगी।

1) नेटवर्क: ज्यादातर सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के पास वॉइस कॉलिंग के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तो है, लेकिन डाटा के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं, जिसे वो बाद में तैयार कर रही हैं। जियो के पास मजबूत डाटा नेटवर्क है। हम मार्च 2017 तक देश की 90% पॉपुलेशन तक नेटवर्क पहुंचा देंगे। आज रिलायंस जियो दुनिया का सबसे बड़ा 4 जी और वॉइस ओवर एलईटी नेटवर्क है। हम भारत को सबसे महंगे डाटा मार्केट से निकालकर दुनिया के सबसे सस्ते डाटा मार्केट में ले जाएंगे।


2) डिवाइस : देश में 70 फीसदी स्मार्टफोन 4जी एलईटी बेस्ड हैं। हम 4जी बेस्ड नया स्मार्टफोन LYF लाए हैं। इसकी कीमत 2,999 रुपए से 5,999 रुपए होगी। वहीं, 4जी एलईटी जियोफाई राउटर 1,999 रुपए में मिलेगा। एंट्री प्राइस को कम से कम रखने पर ध्यान दिया गया है।

3) कंटेंट: कस्टमर जियो टीवी के जरिए 300 से ज्यादा चैनल देख सकेंगे। वहीं, जियो सिनेमा में 6 हजार मूवी और 1 लाख टीवी एपिसोड की लाइब्रेरी होगी। जियो म्यूजिक में 1 करोड़ गाने होंगे। जियो मनी के जरिए आप कैशलेस ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। दिसंबर 2017 तक सभी के लिए ऐप मुफ्त होंगे।


4) सर्विस : रियो की सर्विस प्रॉसेस को रिडिजाइन किया गया है। दिल्ली और मुंबई में यह आज से लागू हो रही है। पूरे भारत में अगले 6 हफ्तों में लागू होगी। एक दिन में 10 लाख यूजर्स को अपने साथ जोड़ सकती है। शुरुआती स्टेप्स जितना हो सके, उतना आसान करना चाहते हैं। आधार कार्ड के साथ ई-केवाइसी लिंक से 15 मिनट में कनेक्शन मिल जाएगा।

5) टैरिफ: हम ग्राहकों को हमेशा पहले रखते हैं। जियो टैरिफ 3 प्रिंसिपल्स पर बने हैं। पहला, ग्राहक केवल एक सर्विस के लिए पेमेंट करेगा, वॉइस या डाटा। इसलिए सभी वॉइस कॉल पूरी तरह मुफ्त होगी। पूरे भारत में कहीं भी रोमिंग चार्ज नहीं देना होगा। दूसरा, डाटा कस्टमर के लिए अफोर्डेबल होना चाहिए। जियो का बेस रेट मार्केट के रेट का दसवां भाग है, जो 5 पैसे एमबी या 50 रुपए/ जीबी है। जितना ज्यादा आप इसका इस्तेमाल करेंगे,यह उतना ही आपके लिए सस्ता होगा। यह दुनिया में सबसे कम रेट हैं।

अरविन्द केजरीवाल के बर्खास्त मंत्री पर PORN वेबसाइट का ट्वीट वायरल, पढ़ें क्या लिखा?

नई दिल्ली. अरविंद केजरीवाल कैबिनेट के बर्खास्त मंत्री संदीप कुमार की सेक्स सीडी लोगों के लिए अलग-अलग मौका साबित हो रही है। 31 अगस्त को सामने आया यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस वजह से यह ट्विटर पर पिछले कई घंटों से टॉप ट्रेंडिंग में है। इस बहाने केजरीवाल के विरोधियों को उनकी आलोचना का मौका मिल गया है। उधर, इस पूरे मामले पर एक पोर्न वेबसाइट ने भी चर्चा की उठाने की कोशिश की है। उसने संदीप कुमार को लेकर एक ट्वीट किया जो सोशल मीडिया में वायरल हो गया।

- पोर्न हब नाम की इस वेबसाइट ने संदीप कुमार के सेक्स सीडी को लेकर ट्वीट किया जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया।
- बता दें कि यह एक एडल्ट साइट है। इसने जो मैसेज लिखा उसे अबतक 2.3 हजार से ज्यादा लोगों ने रीट्वीट किया है और करीब 1 हजार से ज्यादा ने पसंद किया है।
ट्विटर पर क्या लिखा पोर्न हब ने

पोर्न हब ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, We love all of our employees, including @SandeepKumar (हम संदीप कुमार समेत हमारे सभी इम्प्लॉइज को प्यार करते हैं)। वैसे यह भी बता दें कि सिर्फ पोर्न हब ही नहीं सोशल मीडिया पर कई लोग केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का अपने तरीके से मजाक उड़ा रहे हैं।