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Wednesday, 6 May 2015

पीकू के अलावा ये फ़िल्में, बाप-बेटी के रिश्ते थें कहानी के केंद्र में

खबरची. अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोणे और इरफान खान स्टारर पीकू की चर्चा आजकल हर किसी की जुबान पर है. हालांकि यह एक गंभीर पारिवारिक विषय पर बनाई गई फिल्म है. हिंदी फिल्मों में बाप-बेटी के रिश्ते को केंद्र में रखकर बहुत कम फिल्मों का निर्माण हुआ है. हालांकि कहानियों में बाप बेटी के रिश्ते को ट्विस्ट बनाकर कई फ़िल्मी कहानियां परदे पर पेश की गई हैं. करीना कपूर, अनुपम खेर, पूजा भट्ट, शाहरुख खान, नाना पाटकर, जैकी श्राफ जैसे दिग्गज कलाकारों ने इन फिल्मों में अभिनय किया है. इनमें से कई फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रहीं तो कई फ्लॉप भी साबित हुई. हम बाप-बेटी के रिश्ते पर बनी पीकू सहित कुछ अहम् फिल्मों के बारे में बता रहे हैं.

पीकू (2015)
कलाकार - अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोणे, इरफान खान

डैडी (1989)
कलाकार - अनुपम खेर, पूजा भट्ट

यादें (2001)
कलाकार - जैकी श्राफ, करीना कपूर

मोहब्बतें ( 2000)
कलाकार- अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्य रॉय

कुछ कुछ होता है (1998)
कलाकार - शाहरुख खान

खामोशी (1996)
कलाकार - नाना पाटकर, मनीषा कोइराला

आरक्षण (2011)
कलाकार - अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोणे

#salmankhan को मिली उसके किए की सजा लेकिन रविन्द्र को कब मिलेगा न्याय?

खबरची. ‘हिट एंड रन मामले’ में कोर्ट ने सलमान खान को दोषी मानते हुए उन्हें पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 25000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। आज ये मामला सुर्खियों में है, लेकिन इससे जुड़े एक अहम किरदार की ओर लोगों का ध्यान नहीं जा रहा। उस किरदार का नाम है कॉन्सटेबल रवींद्र पाटिल। पाटिल ने सलमान के हिट एंड रन मामले में बहुत दबाव डालने के बावजूद नहीं पलटा, हालांकि इसकी वजह से उसे अपनी नौकरी मांगनी पड़ी और बीमारों की तरह भीख मांगते हुए जान भी गंवानी पड़ी।

रवींद्र की गवाही से ही सलमान के खिलाफ बना मामला
आज बहुत कम लोगों को याद होगा कि रवींद्र सलमान खान से जुड़े ‘हिट एंड रन’ मामले में एक प्रमुख गवाह था। इस मामले में यही वह शख्स था, जो सभी चीजों के बारे में जानता था। हिट और रन मामले के चश्मदीद गवाह रहे रवींद्र अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन उसकी मौत को लेकर तरह-तरह की बातें की जाती है। आज भी लोग उसके मौत के पीछे की वजह जानना चाहते हैं?

नौकरी गंवाई, भीख मांगा लेकिन नहीं बदला बयान
जो लोग रवींद्र को जानते थे वो इस बात से सहमत थे कि उस पर बयान बदलने को लेकर बहुत अधिक दबाव था। चर्चाओं की मानें तो यह दबाव सलमान को जेल जाने से बचाने के लिए स्टेटमेन्ट बदलने के लिए था। रवींद्र को बयान बदलने के लिए लालच और धमकी भी दी गई। यहां तक कि पुलिस ने उसके परिवार को काफी परेशान भी किया। हालांकि रविन्द्र ने आखिरी सांस तक बयान नहीं बदला।

वकीलों के रवैये से डर गया था रवींद्र
‘हिट एंड रन मामले’ में जुड़ने के बाद से ही रवींद्र अदालती प्रक्रिया से बहुत डरने लगा था। उस पर वकीलों का भी बहुत दबाव था। इस वजह से रविन्द्र डिप्रेशन में चला गया था।

पुलिस के डर से मुंबई से भाग निकला था रवींद्र
सीनियर पुलिस अधिकारियों ने नौकरी से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाकर रवींद्र को नौकरी से निकाल दिया था। जबकि कई लोग दबी जुबान स्वीकार करते हैं कि रविन्द्र कभी नौकरी से अनुपस्थित नहीं रहता था। नौकरी से निकाले जाने के बाद भी पुलिस ने रवींद्र का पीछा नहीं छोड़ा, इसलिए वह मुंबई से कहीं और चला गया था। परिवार के अनुसार वह अक्सर चोरी-छिपे अपनी पत्नी व परिवार से मिलने एक-दो दिन के लिए मुंबई आया करता था।

किसके इशारे पर जेल में किया गया प्रताड़ित
पेशी के दौरान कोर्ट में अनुपस्थित रहने के आरोप में रविंद्र को जेल भेज दिया गया था। वहां भी उसे प्रताड़ित किया गया। उसे अन्य कैदियों से अलग रखा जाता था।

परिवार ने भी डाला दबाव
इस मामले में जेल से बाहर आने के बाद परिवार वालों ने बयान बदलने के लिए उस पर काफी दबाव डाला। पुलिस उसके परिवार को परेशान करती थी। लेकिन रवींद्र ने किसी की नहीं सुनी।

सड़कों पर मांगनी पड़ी भीख

सूत्रों के मुताबिक, परिवार से अलग होने के बाद रवींद्र पाटिल काफी दिनों तक लापता रहा. 2007 में वह सेवरी म्युनिसिपल अस्पताल से मिला। अस्पताल आने से पहले उसे सड़कों पर भीख मांगते भी देखा गया था। भीख से मिले पैसों से दिन-रात शराब पीता था। कहते हैं कि वह टीवी का शिकार हो गया था। कमजोरी की वजह से उस पर दवाओं का असर नहीं हुआ और आखिरकार अस्पताल में ही उसकी जान चली गई। सलमान खान को उसके किए की सजा मिल गई, लेकिन रविन्द्र का क्या दोष था - आखिर कौन रविन्द्र के गुनाहगारों को सजा देगा।

Monday, 4 May 2015

SBI पीओ पोस्ट के लिए लास्ट डेट बढ़ी, अब 7 मई तक कर सकते हैं अप्लाइ

खबरची. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में प्रोबेशनरी ऑफिसर की पोस्ट के लिए लास्ट डेट बढ़ा दी गई है। बता दें कि पहले इस पोस्ट के लिए अप्लाइ करने की लास्ट डेट 2 मई थी जिसे अब 7 मई कर दिया गया है। इस पोस्ट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 13 अप्रैल से शुरू हुए थे। जो कैंडिडेट किसी कारणवश अभी तक अप्लाइ नहीं कर पाए थे वे जल्दी अप्लाइ कर दें।
पिछले माह एसबीआई ने बड़े पैमाने पर प्रोबिशनरी ऑफिसर की वैकेंसी अनाउंस की थी। कुल पदों की संख्या 2393 है। यह भर्ती कैटेगरी वाइज की जाएगी। इसमें बैकलॉग वैकेंसीज भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इस पोस्ट के लिए जून 2015 में परीक्षा संभावित है।

क्वालिफिकेशन और एज लिमिट: अप्लाइ करने वाले कैंडिडेट किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएट या समकक्ष हों। जबकि कैंडिडेट की आयु 1 अप्रैल 2015 को 30 साल से ज्यादा न हो। गवर्नमेंट रूल के हिसाब से रिजर्व्ड कैटेगरी में उम्मीदवारों को आयुसीमा में छूट दी जाएगी।

ऐसे करें अप्लाइ : एसबीआई पीओ की पोस्ट पर अप्लाइ के लिए ऑफिशियल वेबसाइट www.sbi.co.in लॉगइन करें। इसके बाद 'करियर विद अस' लिंक पर क्लिक करें। यहां पोस्ट की डिटेल और ऑनलाइन अप्लाइ ऑप्शन मिलेगा।

सेंसर ने बॉम्बे वेलवेट को U/A सर्टिफिकेट देने से मना किया, अब कहां जाएंगे अनुराग?

खबरची.
सेंसर बोर्ड के साथ अनुराग कश्यप का विवाद बढ़ सकता है. इसी 15 मई को रिलीज होने वाली कश्यप की फिल्म बॉम्बे वेलवेट को सेंसर ने U/A सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया है. बता दें कि बॉम्बे वेलवेट अनुराग कश्यप का बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है. इस फिल्म के बहाने वे पहली बार बड़े बॉलीवुड स्टार्स के साथ काम कर रहे हैं इतना ही नहीं मल्टी सितारा इस फिल्म का बजट भी बहुत भारी-भरकम है. सूत्रों की मानें तो इस फिल्म के कुछ दृश्यों व फिल्म के संवादों पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति दर्ज की और उन्हें हटाने की सलाह दी. फिल्म के लिए जरूरी बताते हुए कश्यप ने इसे काटने से मना कर दिया और अब इसे लेकर रिवाजिंग कमेटी में जा रहे हैं. बॉम्बे वेलवेट ज्ञान प्रकाश के प्रसिद्द उपन्यास मुंबई फैब्लेस की कहानी पर आधारित है. फिल्म में 60 के दशक की मुंबई का चित्रण किया गया है. फिल्म की कहानी एक बॉक्सर जोनी बलराज और एक जैज सिंगर रोजी के इर्द-गिर्द बुनी महानगर की अपराध कथा है.

उल्लेखनीय है कि अनुराग कश्यप की पहचान उन युवा फिल्म निर्माता/निर्देशकों में की जाती है जो अलग तरह का प्रयोगधर्मी सिनेमा बनाने के लिए जाने जाते हैं. यह भी गौर हो कि अनुराग ने अपनी पिछली कई फिल्मों में गाली-गलौज और हिंसा का खूब इस्तेमाल किया है.

अनुराग ने इस फिल्म के लिए बॉलीवुड में चोटी के अभिनेताओं में शुमार किए जाने वाले रणवीर कपूर जैसे सितारे को साइन किया है. फिल्म में अनुष्का शर्मा, केके मेनन, सिद्धार्थ बसु, रवीना टंडन, करण जौहर जैसे कई नामचीन कलाकार हैं. फिल्म की लागत करीब 80 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है. यह फिल्म देश के सिनेमाघरों में 15 मई को रिलीज होनी है.

अलकायदा के वीडियो को कैश करवा लेंगे मोदी जी और भाजपा वाले


खबरची. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नजरिए से अब तक के भारतीय राजनीतिक इतिहास से सबसे काबिल और चतुर प्रधानमंत्री हैं. एक नहीं कई मर्तबा इसका उदाहरण देखने को मिला है. चीजें चाहे नकारात्मक हों या सकारात्मक, मोदी जी में इतनी प्रतिभा है कि वे इसे अपने अनुकूल बना सकते है. पेट्रोल की कीमत जैसे कई उदाहरण आप ढूंढ सकते हैं. अब अलकायदा का एक वीडियो ने उन्हें ऐसा करने का तार्किक आधार दे दिया है. हालांकि पिछले कुछ दिनों में अपनी एक अलग छवि के साथ नजर आए मोदी से यह कम ही अपेक्षा है कि वे अलकायदा के इस वीडियो पर कोई टिप्पणी करें. लेकिन यह तो तय है कि उनकी टीम इस मसले को भुनाने की पुरजोर कोशिश करेगी. बिहार और उसके बाद देश के कुछ राज्यों में चुनाव होने हैं. जाहिर तौर पर सब इसे भुनाने की कोशिश करेंगे. इस वीडियो के बहाने साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण ही तेज होगा. भाजपा वाले जरूर अलकायदा का शुक्रिया कह रहे होंगे. जय जय